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लो ब्लड प्रेशर(निम्न रक्तचाप) के आयुर्वेदिक इलाज

 दोस्तों लो ब्लड प्रेशर आजकल के समय मैं एक सामान्य बीमारी बन गई है जो अधिकतर लोगों में पाई जाती है यह जो लोग ब्लड प्रेशर होता है ब्लड प्रेशर जब आपका ब्लड प्रेशर एक नॉर्मल लिमिट से नीचे चला जाता है तब इसे लो ब्लड प्रेशर कहा जाता है नॉरमल ब्लड प्रेशर 120/80 होता है यह आपने सुना होगा कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर 110/70 भी होता है या उनके लिए नॉर्मल होता है इसे हम लो ब्लड प्रेशर नहीं कहते हैं।

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण - 

दोस्तों यहां हम बात करेंगे लो ब्लड प्रेशर के कुछ लक्षण के बारे में यदि आपको हल्की घबराहट हो, चक्कर आना ऐसा महसूस हो कि आपका सिर घूम रहा है कई बार ऐसा होता है कि हम सोए रहते हैं और उठने पर अचानक से हमारा सिर घूमने लगता है या अगर कुर्सी से अचानक से खड़े होते हैं तो ऐसा लगता है कि चक्कर से आने लगा है, आंखों के आगे कालापन या आंखों के सामने कुछ धुंधला धुंधला सा दिखना तो सतर्क हो जाएं या साले लक्षण लो ब्लड प्रेशर के हैं यह चिंता का विषय है यह जानलेवा भी हो सकता है क्योंकि जब लो ब्लड प्रेशर होता है तब हमारे शरीर के अंदर ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है और जब ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है तो हमारा हार्ट डैमेज होने लगता है हमारी ब्रेन डैमेज होने लगेगा इस तरह से शरीर के सारे छोटे से छोटे आर्गन भी डैमेज होने लगते हैं क्योंकि हमारे शरीर की छोटी-छोटी सेल(cell) को भी जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन चाहिए होता है।

कई बार लो ब्लड प्रेशर में अचानक से बेहोश हो जाते हैं कई बार ऐसा होता है कि लोग खड़े खड़े अचानक से ही चक्कर खाकर गिर जाते हैं इस तरह से उन्हें गंभीर चोट लग सकती है।

इसके अलावा थकान होना, ऐसा लगना कि पूरे दिन नींद आ रही है, याददाश्त और एकाग्रता में भारी कमी आना, आपकी मेमोरी धीरे-धीरे कम होती जा रही है यह सारे लो ब्लड प्रेशर के लक्षण है।



लो ब्लड प्रेशर से बचने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपाय - 

दोस्तों निम्न रक्तचाप से बचने के लिए योगा करना बहुत ही जरूरी है बहुत सारे ऐसे लोग जिनको 40 वर्ष या 50 वर्षों से लो ब्लड प्रेशर की समस्या होती है लोग भी योगा करके लो ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात पा लेते हैं तो दोस्तों हम यहां लो ब्लड प्रेशर के लिए कारागार कुछ योगा के बारे में बात करते हैं जो निम्न प्रकार से हैं, ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भस्त्रिका, कपाल भारती, अनुलोम विलोम, प्राणायाम सबसे उपर्युक्त है इसके साथ साथ लो ब्लड प्रेशर में सूर्य विधि प्राणायाम भी किया जा सकता है सूर्य विधि प्राणायाम भी लो ब्लड प्रेशर के मरीजों को जरूर करना चाहिए इसके अलावा अगर हम 2 मिनट तक ताली बजा लेते हैं तो हमारे शरीर की सभी नस नाड़ीयां सक्रिय हो जाती हैं और खुलकर के हंसना यह तो ब्लड प्रेशर के साथ-साथ सारे बीमारियों तथा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है !

हमारे स्वास्थ्य को अच्छा बनाने के लिए यह हास्य योग बहुत ही सच्ची और असरदार दवा के रूप में काम करती है ।

दोस्तों जिनको निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर की समस्या है उनके लिए पतंजलि आयुर्वेद में मिलने वाली अश्वगंधारिष्ट का सेवन करना बहुत ही लाभप्रद होता है लेकिन यदि आपको मधुमेह समस्या है तो आप अश्वगंधारिष्ट का सेवन ना करें अश्वगंधा का आप टेबलेट ले सकते हैं ।

रक्तचाप में आप पतंजलि में मिलने वाला शिलाजीत शत का भी सेवन कर सकते हैं पतंजलि आयुर्वेद में शिलाजीत कैप्सूल तथा शिलाजीत की गोलियां भी मिलती हैं जिनको निम्न रक्तचाप है वह शिलाजीत की एक-एक या दो-दो कैप्सूल का सेवन सुबह शाम कर सकते हैं !

इसके साथ - साथ आहार में आप गाजर, सेब, पालक, बथुआ, मुनक्का, अंजीऊ और खजूर का नियमित रूप से सेवन करें, यह निम्न रक्तचाप को ठीक करने में आपकी मदद करते हैं वैसे भी खजूर अश्वगंधा और केला यह वजन बढ़ाने का भी काम करते हैं !

जिनकी लो ब्लड प्रेशर है और उनका वजन भी कम है अश्वगंधा, शिलाजीत साथ - साथ में ले और खजूर का सेवन नियमित रूप से करें। ऐसा करने से लो ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम भी ठीक हो जाएगी और वजन भी बढ़ जाएगा और इसके साथ - साथ हीमोग्लोबिन यदि कम है तो वह भी बढ़ जाएगा कपालभारती योग करने से भी हिमोग्लोबिन बढ़ जाता है यदि आपको उच्च रक्तचाप है तू तो आपको कपाल भारती धीरे-धीरे करना पड़ेगा और यदि आपको निम्न रक्तचाप है तो आप तेजी से और शक्ति पूर्वक गई कपालभाति कर सकते हैं ऐसे तो आपका बीपी या ब्लड प्रेशर बिल्कुल नॉर्मल हो जाता है जब ब्लड प्रेशर बिल्कुल लो हो जाता है तो उस व्यक्ति को अनुलोम विलोम प्राणायाम करा दीजिए यह प्राणायाम ब्लड प्रेशर को बिल्कुल सामान्य कर देता है जिससे ब्लड प्रेशर न ज्यादा रहेगा ना कम रहेगा।

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