पतंजलि मेडिसिन फॉर माउथ कैंसर | कुछ गलतियां जिनकी वजह से होता है मुंह का कैंसर आइए जानते हैं कैसे...

 पतंजलि मेडिसिन फॉर माउथ कैंसर ...
मुंह का कैंसर क्यों होता है - 

  • दोस्तों यहां बात करेंगे मुंह के कैंसर के बारे में जो कि आज के टाइम में इंडिया में बहुत ही सामान्य बीमारी बन गई है हर साल कैंसर की वजह से लगभग 70,000 लोगों की मृत्यु होती है सबसे पहले जानते हैं की माउथ कैंसर के लक्षण क्या-क्या होते हैं !
  • अगर आपके मुंह में बहुत दिनों से साले छाले या अल्सर है जो कि ठीक नहीं हो रहे हैं !
  • अगर आपके मुंह में स्वेलिंग है जो कि दांत के साथ में जुड़ी हो सकती है या जीभ के साथ भी जुड़ी हो सकती है !
  • अगर बहुत दिनों से आपको खाने पीने या निगलने में दिक्कत हो रही है !
  • अगर बहुत जल्दी-जल्दी आपका वजन तेजी से कम हो रहा है !
  • कभी-कभी cancer की बीमारी genetic भी होता है !

माउथ कैंसर कहां - कहां हो सकता है -

 ओरल कैंसर मुंह में किसी भी स्थान पर हो सकता है यह आपकी मुंह के अंदर जीभ पर, मुंह के अंदर की तरफ गालों पर, आपके तालु पर या जीभ के नीचे मां पर भी हो सकता है यह ओंठ तथा मसूड़ों पर भी हो सकता।

ओरल कैंसर किन किन कारणों से होता है !

ओरल कैंसर का मुख्य कारण स्मोकिंग है जैसे कि बीड़ी, सिगरेट, सिगार का सेवन करना साथ के साथ किसी भी प्रकार के तंबाकू का सेवन जैसे - चैनी खैनी, जर्दा खाना कैंसर का कारण हो सकता है साथी साथ यदि आपके मुंह में कोई भी टूटा हुआ दांत है जो निरंतर आपके मुंह में घाव पैदा कर रहा है तो यह भी कैंसर का कारण पैदा कर सकता है ।

Cancer की लक्षण पाए जाने पर तुरंत कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाएं।

कैंसर से कैसे बचा जाए- 

सबसे पहले तो आप किसी भी फॉर्म में या रूप में किसी तंबाकू, बीड़ी या सिगरेट तथा शराब का सेवन ना करें साथ ही साथ अगर आपके मुंह में कोई भी परेशानी है तो उसे कभी भी नजरअंदाज ना करें तुरंत अपने डेंटिस्ट को दिखाएं

माउथ कैंसर के आयुर्वेदिक उपचार -

  • गिलोय का सेवन - 

माउथ कैंसर की बहुत सारे कारण है उनमें से एक कारण यह भी है की हमारी इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाना या रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना इम्यूनिटी जिस भी आर्गन या सेल्स की कमजोर रहेगी हमें उसी आर्गन में cells में कैंसर हो सकता है पतंजलि मैं मिलने वाली गिलोय हमारे शरीर में इम्यूनिटी को बढ़ाती है आप फ्रेश या हरे गिलोय मिल जाए तो अच्छी बात है नहीं तो आ पतंजलि मिलने वाले गिलोय जो सिया मिलने की गोलियों का भी सेवन कर सकते हैं इसलिए जो भी पर्याय गिलोय का सेवन करता है उसको कैंसर होने का खतरा ना के बराबर हो जाता है लिए शरीर के इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए गिलोय का सेवन कर सकते हैं !

  • व्हीटग्रास या गेहूं की हरी पत्तियां - 

गेहूं की हरी पत्तियों का सेवन या उन पतियों के जूस का सेवन करना कैंसर में बहुत ही लाभकारी माना जाता है पतंजलि स्टोर में रेडीमेड हरी गेहूं की पत्तियों का जूस तथा व्हीटग्रास पाउडर आसानी से मिल जाता है आप घर में भी गेहूं गाकर जब उनकी पत्तियां 5 से 6 इंच लंबी हो जाती हैं तो उन्हें काट कर उनका जूस निकालकर उसका सेवन कर सकते हैं।

  • गोमूत्र का सेवन -

गोमूत्र का सेवन कैंसर के लिए, मोटापे के लिए ,बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए, स्किन प्रॉब्लम्स के लिए शरीर की शुद्धि करने के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है क्या गोमूत्र भी पतंजलि स्टोर में आसानी से उपलब्ध होता है !

  • तुलसी की पत्तियां का सेवन - 

कैंसर में आप तुलसी की पत्तियों का सेवन कर सकते हैं तुलसी की पत्तियों का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए जब हम इनका सेवन शुरू करते हैं तो शुरुआत में हम 5 या 7 पत्तियों का सेवन करें तथा धीरे-धीरे करके इनकी मात्रा 21 पत्तियों तक कर ले यह कैंसर मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है !

  • एलोवेरा तथा नीम की पत्तियों का सेवन - 

पतंजलि में मिलने वाले रेडीमेड एलोवेरा जूस तथा नीम पत्ती का पाउडर आसानी से उपलब्ध होता है या कैंसर में बहुत ही कारागार होता है यदि आप चाहें तो घर में फ्रेश एलोवेरा तथा नीम की पत्तियों का सेवन भी कर सकते हैं।

यह पांचों चीजें कैंसर में पंचामृत का कार्य करती हैं इन औषधियों के साथ-साथ आप प्राणायाम जरूर करें कैंसर में प्राणायाम हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होता है।

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