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सर्दी जुखाम तथा गैस और एसिडिटी की आयुर्वेदिक दवा..

सर्दी जुखाम तथा गैस और एसिडिटी की आयुर्वेदिक दवा...

सर्दी जुखाम की आयुर्वेदिक दवा -

दोस्तों ! हम जानते हैं कि गला खराब होना सर्दी होना जुकाम होना खांसी होना कहने का मतलब है कि इतने भी श्वसन संबंधित बीमारियां हैं आजकल हर किसी को हो रही है और यह सामान्य बीमारी हो चुकी है क्योंकि आजकल हमारे वातावरण में प्रदूषण इतना ज्यादा हो चुका है हम अन हेल्थी चीजें खाते हैं और केमिकल मेरे चीजों का भी सेवन करते हैं और आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोग योगा मेडिटेशन बिल्कुल नहीं करते हैं तो यह प्रॉब्लम संबंधित आज का सबको होने लगी है कई बार यह प्रॉब्लम्स जेनेटिक होती हैं क्योंकि उनके मां-बाप ही गलती होती है और डीएनए स्ट्रक्चर बन जाता है जिससे यह बीमारियां पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती जाती है जिसे हम डॉक्टर के पास जाते हैं वहां मैं डॉक्टर को भारी मात्रा में फीस देनी पड़ती है और बहुत सारी महंगी दवाइयों का भी सेवन करना पड़ता है 4 से 5 दिन की सर्दी जुखाम सिर दर्द की दवाइयां देता है और हमसे अच्छी खासी फीस लेता है दोस्तों आपको साल में दो चार बार सर्दी जुखाम हो जाए तो आपके दो ढाई हजार पैसे तो सर्दी जुखाम में ही चले जाएंगे ।

दोस्तों जिसको भी सर्दी जुखाम बुखार जैसी समस्याएं बार-बार होती हैं उसके लिए पतंजलि में अचूक औषधि है जिसका नाम है गिलोय- आप गिलोय ,हल्दी और तुलसी मिलाकर काढ़ा बनाकर आप इसे पी सकते हैं और यह 100% सर्टिफाइड है कि यह आपके सर्दी को ठीक कर देता है और यह बुखार को भी एकदम ठीक कर देता है गिलोय सबसे बड़ा एंटीबायोटिक है और सर्दी जुखाम मलेरिया डेंगू के लिए तो यह एक रामबाण उपाय है।

लावणी पतंजलि में बहुत सारी दवाएं हैं जो कि हमें सर्दी जुखाम बुखार जैसी बीमारियों में काफी आराम दिलाती हैं !

दोस्तों आज हम बात करेंगे पतंजलि की एक ऐसे सिरप के बारे में इसके सेवन से आप को गले तथा नाक से संबंधित को बीमारियां तथा अस्थमा से संबंधित परेशानियां वह सब ठीक हो जाएंगे।

दोस्तों हम आपको बता रहे हैं कि पतंजलि मैं मिलने वाली सिरप जो कि पतंजलि में दिव्य श्वासारि  प्रवाही के नाम से मिलती है और यह एक आयुर्वेदिक सिरप है जो कि केबल ₹50 में मिलती है और यह सिरप सब कुछ ठीक कर देता है सीरप में मिलने वाले इनग्रेडिएंट्स इस प्रकार से हैं-

यह 10ml में आता है इसमें की 60% शुगर होता है और जो  इसमें दूसरे तत्व मिले है इस प्रकार हैं छोटी कटौसी, काला बादशाह, सफेद बादशाह, बनसपा,   तुलसी देसी, छोटी पीपल, दालचीनी, लौंग, सोंठ, धतूरा, भांगरा लिसोड़ा ,  तेजपत्र,  मुलेठी,  काली मिर्च और शंकरा।

दिव्य श्वासारि  प्रवाही फायदे -   

पतंजलि का या सिरप फेफड़ों की कोशिकाओं को सक्रिय बनाता है स्वसन तंत्र और फेफड़ों की सूजन को कम करता है इसके उपयोग से फेफड़ों में जमे कफ का निष्कासन होता है यह  एक प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है इसका प्रयोग अस्थमा के इलाज के लिए किया जाता है यह सांसों के अटैक से राहत दिलाता है पास के अन्य समस्याओं के इलाज के लिए भी इसका सेवन किया जाता है यह एक सुरक्षित तथा आयुर्वेदिक तरीके से श्वसन रोगों का इलाज करता है और यह सुनिश्चित करता है कि फेफड़े कुशलता से कार्य करें यह स्वसन कोशिकाओं को पोषण भी प्राप्त कर कर आता है यह कई औषधीय तथा जड़ी बूटियों से तैयार किया जाता है जो बीमारियों के लक्षणों में राहत प्रदान करने में लाभदायक होता है यह दवा अस्थमा फेफड़ों प्रभावित करने वाले पुरानी बीमारी है जोकि स्वसन क्रिया को प्रभावित करता है यह एक एलर्जी की बीमारी है के लिए लाभदायक होता है !

दिव्य स्वसारी (swasari ) प्रवाही का सेवन कैसे करें  - 

 दिव्या स्वसारी प्रवाही का सेवन दिन में दो या तीन बार करना चाहिए इसका सेवन एक बार एक चम्मच करना चाहिए यदि ज्यादा समस्या हो रही हो तो इसके खुराक को बढ़ाकर दो से तीन चम्मच पी कर सकते हैं खुराक को शहद के साथ एक गिलास गर्म पानी के साथ लिया जा सकता है दवा को भोजन से आधे घंटे पहले या बाद में लिया जाना चाहिए लेकिन आपको यह बता देते हैं कि यदि आप यह दवा लेते हैं तो उससे पहले आप अपने डॉक्टर से एक बार सलाह जरूर ले लीजिएगा‌।

गैस या एसिडिटी की आयुर्वेदिक दवा -

दोस्तों पाचन तंत्र या शरीर का डाइजेस्टिव सिस्टम बहुत ही बड़ा सिस्टम होता है मतलब अमाशय, पकवासय ,छोटी आंत, बड़ी आंत, यकृत प्लीहा, पेनक्रियाज यह जो पूरा तंत्र है यह पाचन तंत्र हिस्सा होता इसीलिए  यदि इनमें से कोई भी तंत्र सही से काम नहीं करता है तो हमारा पेट खराब रहता है, आपको नींद नहीं अच्छी आती है, आप खुश नहीं रहते हैं  इस प्रकार की बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो आइए हम पेट से संबंधित दिक्कतों के कुछ उपाय के बारे में जानते हैं !

दोस्तों ! हमारी पेट की बीमारी का संबंध हमारे मुंह से शुरू हो जाता है सुबह उठते ही आंवला एलोवेरा या भृंगराज का सेवन कीजिए सुबह उठते हल्का गुनगुना पानी पीजिए !

सुबह नाश्ते में फल लीजिए हो सके तो अनार या सेब का सेवन करें इसके साथ आप नाश्ते में कुछ अंकुरित आहार भी ले सकते हैं के सिवा आप अपने नाश्ते में कुछ भी मत लीजिए ।

फिर दोपहर के खाने में आप साग सब्जियां तथा सलाद ज्यादा मात्रा में लें अपने खाने में खाना से ज्यादा आप हरी साग सब्जियां सलाद का सेवन कर सकते हैं खाना खाते समय पहले सलाद और सब्जियों को खा ले उसके बाद आप दाल चावल और रोटी खा सकते हैं ।

खाने को अच्छे से चबा चबा कर खाएं आप खाने के लिए कम से कम 20 से 30 मिनट का समय ले आपको एक हफ्ते में ही अपने पेट की समस्याओं से आराम मिलने लगेगा !

रात के खाने को हल्का रखें और जल्दी खाना खाएं तथा खाने की 1 घंटे बाद एक गिलास दूध का सेवन करें अगर दूध पीने की आदत नहीं है तो रात को सोते समय एक चम्मच पतंजलि का त्रिफला चूर्ण का सेवन कर सकते हैं इससे आपको पेट से संबंधित समस्या को बिना किसी दवा के ठीक हो जाएंगी !

यदि इसके बाद भी आपको अपनी पेट की समस्या से आराम नहीं मिलता और ज्यादा समस्या लगती है तो आप पतंजलि का दिव्य कुमार्यासव का सेवन कर सकते हैं इससे आपका पेट अच्छा हो जाएगा !

पतंजलि का दिव्य आरोग्यवर्धिनी वटी, चित्रकादि वटी इससे डाइजेशन अच्छा हो जाता हैं !

 यदि आपको कुलाइटिस की प्रॉब्लम है तो पतंजलि का दिव्य कुटजारिष्ट और कुटजघन वटी का सेवन करें इन सभी उपाय तथा दवाओं से निश्चित ही आपको पेट की समस्याओं से निजात मिलेगी !

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