वज्रासन - सरल तरीका द्वारा योग करना ( वज्रासन )

 सरल तरीका द्वारा योग करना 

( वज्रासन )

योग के माध्यम से हम जीवन के विभिन्न आयामों के ऊर्जा स्तर से जुड़ जाते हैं और हमारे शरीर में एक सकारात्मक ऊर्जा का विकास होने लगता है जो मानव जीवन कल्याण के लिए बहुत ही कल्याणकारी है ।
'वज्र' शब्द का अर्थ है दृढ़ एवं कठोर । इस आसन में पैर की दोनों जंघा पर वज्र के समान दृढ़ करके बैठते हैं वज्रासन के नियमित अभ्यास से जंघाओं की मांसपेशियां कठोर एवं मजबूत होती है ।

वज्रासन करने के तरीके -

वज्रासन करने के लिए सर्वप्रथम आप जमीन पर चटाई बिछाए  चित्र के अनुसार आसन को दोहराएं ।
  • अपने दोनों पैरों को मोड़कर नितंब के नीचे इस प्रकार रखें की एड़ियां बाहर की ओर निकली हुई तथा पंजे नितंब से लगे हुए हो ।
  • इस स्थिति में पैरों के अंगूठे एक दूसरे से लगे हुए होंगे । कमर गर्दन एवं सिर सीध रहे । घुटने मिले हुए हो हाथों को घुटनों पर रखें । नीचे दिए गए चित्र के अनुसार देखकर आसन को कर सकते हैं ।

वज्रासन चित्र 1


वज्रासन चित्र 2


वज्रासन करने के लाभ तथा फायदे -

  • यह ध्यानात्मक आसन है मन की चंचलता को दूर करता है ।
  • भोजन के बाद किया जाने वाला यह एकमात्र आसान है इसके करने से अपचन ,अम्लपित्त , गैस , कब्ज की निवृत्ति होती है भोजन के बाद 5 से 15 मिनट तक करने से भोजन का पाचन ठीक से हो जाता है । वैसे दैनिक योगाभ्यास में इसे 1 से 3 मिनट तक अवश्य करना चाहिए ।
  • पैर व घुटनों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है ।


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