Skip to main content

बिजनेस की शुरुआत करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए Basic things to consider before starting Business

बिजनेस की शुरुआत करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

हेलो दोस्तों आज हम बात करेंगे कि आप कोई भी बिजनेस शुरू करने से पहले किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए तथा कौन-कौन सी चीजें हमें मददगार हैं बिजनेस को स्थापित करने के लिए आइए जानते हैं ! 
कुछ बातें जो आपको बिजनेस की शुरुआत करने से पहले ध्यान रखनी चाहिए।

Oknews
  • Create your business plan.
  • Include cost , customer, contacts.
  • Your business contract
  • Get a solid customer base.
  • Develop a website.
  • Utilise social media. 
  • Government rights and charges.
Oknews
Create your business plan : सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आप इस तरह के बिजनेस को करना चाहते हैं और उस बिजनेस को करने के लिए कहां से रॉ मैटरियल या अगर सर्विस दे रहे हैं तो सर्विस सेक्टर के बारे में अच्छे से तहकीकात करनी चाहिए ।
और अपने बिजनेस के लिए एक फाइनेंसियल कैलकुलेशन करें कि कितना आप इन्वेस्ट करना चाहते हैं और इस बिजनेस से आप कितना अभी के टाइम पर कमाने की इच्छा रखते हैं ध्यान दें अभी आप जितना एक्सपेक्ट करते हैं वही अमाउंट फाइनेंसियल बुक में नोट करें । क्योंकि बिजनेस प्रिडिक्शन से नहीं चलता हमें पता होना चाहिए कि हमें Earning कितनी करनी है तभी बिजनेस के सभी कार्यों को सहायता पूर्वक कर सकेंगे। और इन्वेस्टिंग तथा earning का सही ढंग से कैलकुलेट करके फाइनेंसर बुक में नोट करें और 3 गुना मार्जन अवश्य रखें अपने पास ताकि बिजनेस के शुरुआती दौर में उस माध्यम से बिजनेस को और दिनों तक अच्छे से संभाला जा सके ।


Include cost , customer, contacts , : आप अपने बिजनेस मैं कितना पैसा लगाए हैं और उसको कितने प्रॉफिट में बेच रहे हैं और वह प्राइस कस्टमर के लिए सरल है या नहीं यह बात भी ध्यान रखें और कोशिश करें कि आप के बिजनेस में क्वालिटी अवश्य हो क्योंकि लोगों को थोड़ा महंगा पसंद हो जरूर है लेकिन अच्छा होना चाहिए इसलिए बिजनेस में यूनिक ने सौर क्वालिटी का अवश्य ध्यान दें अगर लंबे समय तक आपको बिजनेस करना है और आपका बिजनेस सबसे ज्यादा किन-किन कस्टमर उसे आता है उनकी कैटेगरी के हिसाब से उन्हें बाट उनके पर्सनल कांटेक्ट पर अपने एडवरइजमेंट दिखाना शुरू करें और अपने नए स्कीम और नए ऑफर्स पर अवश्य काम करें।
Your business contract : आजकल बहुत सारे बिजनेस शुरुआती दौर में ही बड़ी-बड़ी मुसीबतों का सामना करते हैं जो या होता है उनकी नासमझी की वजह से बिजनेस के द्वारा अगर किसी भी प्रकार का कॉन्ट्रैक्ट गवर्नमेंट या किसी अदर प्राइवेट सेक्टर के बीच होता है तो उस कॉन्ट्रैक्ट में लिखी बातों का स्पष्ट रूप से जांच कर लें कि आप इन शर्तों के अधीन रहकर अपनी बिजनेस को चला सकते हैं या नहीं अन्यथा बाद में इन शर्तों की वजह से आपको बिजनेस में नुकसान हो सकता है ऐसा जरूरी नहीं है कि कॉन्ट्रैक्ट करते समय सारे नियम हमारे लिए ही होते हैं कुछ हमें फ्रीडम दे प्रदान करते हैं जिसकी वजह से हम अपने बिजनेस को गवर्नमेंट के अंतर्गत सुचार रूप से चला सकते हैं !
Get a solid customer base ; किसी भी प्रकार का आप बिजनेस कर रहे हो आपके लिए जरूरी है कि आपके कस्टमर को सर्विस देने की कैपेबिलिटी कैसी है और जिस जगह अपने बिजनेस को स्थापित कर रहे हैं वहां पर आपको कस्टमर बेस कैसा मिलेगा वहां आपके बिजनेस रिलेटेड कस्टमर हैं या नहीं इसलिए एक कस्टमर बेस तैयार करें जो सुनिश्चित करता हो कि इस तरह के कस्टमर आपके बिजनेस से काफी हद तक जुड़े हैं और कस्टमर को अपने बिजनेस से रिलेटेड अच्छी और क्वालिटी युक्त सेवा प्रदान करें इससे आपका एक कस्टमर बेस अच्छा होता है
और अगर एक बार आपका कस्टमर बेस बन जाता है तो आप अपने बिजनेस को सुचारू रूप से चलाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी इसलिए कस्टमर सेवा पर ज्यादा ध्यान दें ।
Develop a website  : आजकल ऑनलाइन का समय चल रहा है और हमें जरूरी हो जाता है कि अगर हम किसी बिजनेस में हैं तो हम अपने बिजनेस के पोर्टफोलियो को दिखाने के लिए एक वेबसाइट अवश्य बनाएं जो हमारे काम हमारी क्वालिटी और हमारे कस्टमर से रिलेशन को अवश्य दर्शाता हो इससे लोगों को आपके बारे में जानने में आसानी होती है और इससे लोग पूरी दुनिया में कहीं भी बैठकर आपके बिजनेस से रिलेटेड सभी चीजों का अध्ययन कर सकते हैं और आपकी बिजनेस के लिए बहुत ही फायदेमंद है ।
Utilise social media ; अपने बिजनेस के लिए सही रूप से प्रमोशन करने का एक और तरीका है जिसे सोशल मीडिया कहते हैं सोशल मीडिया पर 93 मिलियन से ज्यादा लोग एक्टिव रहते हैं जो यह काफी अच्छा है जहां आप अपने बिजनेस का प्रमोशन अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा कर सकते हैं सोशल मीडिया पर अपने बिजनेस को सबसे पहले लिस्टेड करें और अपने बिजनेस से रिलेटेड सोशल मीडिया पर अकाउंट खोलें और उस अकाउंट को एडवर्टाइज कराएं इससे आपको अधिक से अधिक कस्टमर का सपोर्ट मिलेगा और आपका बिजनेस आगे की तरफ बढ़ता चला जाएगा ध्यान दें कि अगर आपका सर्विस या आपके प्रोडक्ट अच्छे हैं तो एक बार आया हुआ कस्टमर आपका लाइफ टाइम कस्टमर बन जाता है और आपका business और बडा हो जाता है ।
Government rights and charges. : अपने बिजनेस के लिए यह सुनिश्चित करें कि गवर्नमेंट द्वारा लगाया गया कर कितना है और गवर्नमेंट द्वारा दिए गए राइट्स जो हमारे बिजनेस को चलाने में मदद करते हैं वह किस प्रकार से है विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग बिजनेस के लिए गवर्नमेंट कुछ धनराशि भी प्रदान करती है या पता कर ले कि आप जिस प्रकार का बिजनेस करना चाहते हैं उस क्षेत्र में गवर्नमेंट द्वारा कोई प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है या नहीं फिर अपने बिजनेस को स्थापित करें



Oknews

Comments

Popular posts from this blog

अपने जन्माष्टमी समारोह को थोड़ा खास बनाएं

 जन्माष्टमी का उत्सव भगवान कृष्ण को उनकी संपूर्णता में आमंत्रित करने के लिए समर्पित है। घटना की प्रशंसा करने के हर किसी के अपने विशेष तरीके होते हैं, वैसे भी, कुछ समारोह ऐसे होते हैं जो सामान्य होते हैं। निम्नलिखित कुछ ऐसे रिवाज़ हैं जिन्हें आप जश्न मनाने और उत्सव में कुछ और हिस्सा लेने के लिए कर सकते हैं।  दिन की छुट्टी पर उपवास शुरू करें -  उपवास जन्माष्टमी अवसर के सबसे मौलिक और सर्वव्यापी टुकड़ों में से एक है। आप आम तौर पर उत्सव की अधिक प्रशंसा करने के लिए घटना पर एक त्वरित नोटिस कर सकते हैं।  गुच्छा प्रतिबिंब धुनों और सेरेनेड्स में भाग लें -    गायन कीर्तन, या प्रतिबद्धता, महिमा, या प्रशंसा की धुन, जन्माष्टमी उत्सव का एक और महत्वपूर्ण घटक है। इस तथ्य के अलावा कि यह मूर्खता और प्रतिबिंब है, यह वास्तव में एक उत्सव के एक टुकड़े की तरह महसूस करने का कारण बनता है। इसी तरह, कीर्तन व्यक्तियों को एकजुट करते हैं।  अभयारण्य के लिए पुष्पांजलि और विभिन्न डिजाइनों की योजना बनाएं -    इस अवसर के सख्त और खुश घटकों में भाग लेने के लिए अपने घर या अपने पड़ोसी में अभयारण्य को सजाने में सहायता कर

Aate ke laddu banane ke tarike | आटे के लडडू के बारे में कुछ खास तरीके

Aate ke laddu banane ke tarike | आटे के लडडू के बारे में कुछ खास तरीके   आज हम आप को ठण्ड के मोसम में खाने वाले आटे के लडडू के बारे में कुछ खास बातें बताएंगे और उन को बनाने का तरीका भी आइए जानते हैं ।             इस ठण्ड के मौसम में बहुत तरह के लडडू बनाये जाते हैं जैसे चावल के आटे के लडडू और गैहू के आटे के लडडू और गौद के लडडू  और भी विभिन्न प्रकार के पकवान त्योहारों पर हमारे भारत में बनाए जाते हैं । लेकिन मैं आज आपके एक एसे लडडू बनाने के बारे में बताये गै जो आप ने कभी नहीं बनाये होगे यह लडडू ठण्ड के मोसम में हमारे लिए बहुत गुणकारी होते हैं कयोकि इन लडडू को बनाने में कुछ खास चीजें लगतीं है जो हमारे शरीर के लिए बहुत गुणकारी होती है कयोकि अकेले आटे के लडडू खाने से हमारे शरीर को कोई ताकत नही मिलती वो तो हम ठण्ड में खाने के लिए बना लेते हैं । आज में जो लडडू बनाने के बारे में बताऊँ गी वह हमारे लिए एक दवाई काम करते हैं ।             यह लडडू बनाने के लिए हम काले चननो का आटा लेगें यह आटा काले चननो को साबित पीस कल लेगें हमे बेसन नहीं लेना हमें साबुत काले चननो को घर पर पीस लेना है या फिर बाहर किस

सफेद दाग क्या होता है - सफेद दाग होने के कारण ,सफेद दाग का आयुर्वेदिक इलाज...

सफेद दाग क्या होता है - दोस्तों! सफेद दाग जन्म के बाद आने वाला स्किन प्रॉब्लम है जिसमें हमारी स्किन में जो कलर देने वाली पेशियां होती हैं वह मर जाती हैं हमारे स्कीम पर मिल्की वाइट या दूध जैसे सफेद दाग आने लगते हैं और हमारे स्क्रीन के लेयर में जो मेलानोसाइट्स नाम की जो पेशी होती है जो आपकी स्किन को कलर देती है यह मेलेलिन साइड जो रहती है वह मेलेलिन नाम की पिगमेंट बनाती है यह वेल्डिंग पिगमेंट की वजह से ही हमारे स्कूल में जो भी कलर है वह आता है इस मेलेलिन पिगमेंट की आपकी स्किन में होने वाले मात्रा के अनुसार है आपका स्क्रीन का जो कलर है वह निर्धारित होता है मेलेनिन पिगमेंट जब स्किन में ज्यादा होता है तब स्किन का कलर डार्क ब्राउन या सांवली दिखती है और अगर यह मेलेलिन पिगमेंट कम होता है तो आप की स्कीन गोरी या फिर दिखती है । सफेद दाग के शुरुआती लक्षण -  दोस्तों! इस रोग में रोगी को किसी तरह की दिक्कत तो नहीं होती है मगर सफेद दाग चेहरे और हाथ पैर पर दिखाई देते हैं जिसके कारण रोगी कुरुप नजर आता है इस कारण रोगी तनाव हीन भावना और डिप्रेशन में रहता है रोगी की स्क्रीन पर छोटे-छोटे सफेद धब्बे दिखाई देत

lampi virus से अपनी गाय को बचाने के लिए निम्न प्रकार की सावधानियां रखें आइए जानते हैं कैसे...

lampi virus   आज पूरे भारतवर्ष में हमारी गाय माता पर हावी है जिसकी वजह से हमारी गायों को अत्यधिक नुकसान हो रहा है और हमारे किसान कुछ नहीं कर पा रहे हैं लेकिन आज हम जानेंगे लंबी वायरस से अपने गायों को बचाने के लिए कुछ बेहतरीन सावधानियां जिनसे कुछ चांस कम हो जाएंगे lampi virus होने के आइए जानते हैं -- साफ सफाई का रखें ध्यान - अगर गायों को रखने वाला जगह साफ सुथरा नहीं है तो वहां से गायों को इन्फक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए कोशिश करेगी गायों को रखने वाले स्थान यानी कि तबेला साफ सुथरा रखें और अगर वहां पर कीचड़ हमेशा बना रहता है तो उस कीचड़ में मिट्टी का तेल अवश्य डालें या उसकी जड़ में मिट्टी के तेल का छिड़काव करें इससे कीचड़ में किसी भी तरह की बैक्टीरिया और वायरस नहीं बनेंगे ! खानपान हरियाली - समय के साथ हर जियो अपनी धीरे-धीरे पोलूशन बड़ी दुनिया में अपनी पाचन क्रिया को होता जा रहा है खेतों में अच्छी प्रकार हरियाली लाने के लिए यूरिया डाई कार्बोनेटेड क्या दिखा दो का उपयोग किया जा रहा है जो हमारे सेहत के लिए कहीं न कहीं अच्छा नहीं है यहां हम बात उन किसानों की कर रहे हैं जो कई लोग बा

एलर्जी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

 एलर्जी क्या होता है -  दोस्तों सामान्य था जो एलर्जी होती है ऐसा होता है कि हमारे शरीर में कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस प्रवेश करते हैं रोजमर्रा में जिंदगी में जो यह वायरस और बैक्टीरिया होते हैं इनको हमारी बॉडी की इम्यून सिस्टम पहचानती है और इन के विरुद्ध आक्रमण करती है और किसके द्वारा वह वायरस और बैक्टीरिया को खत्म कर देती है जिससे कि शरीर पर विपरीत प्रभाव ना पड़े और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचे लेकिन गड़बड़ वहां हो जाती है जहां शरीर की इम्यून सिस्टम कमजोर होती है ऐसी कुछ चीजें रहती हैं जो हमारे शरीर की दोस्त रहती हैं लेकिन वह दोस्त नहीं दुश्मन समझ लेती है जैसे कि हवा में उड़ के नाक के द्वारा अंदर जाने वाले एनिमल डेंजेल होते हैं कई अलग-अलग प्राणी होते हैं जैसे कि डॉग हुआ गाय हुई इस तरह से इनकी शरीर से बारीक- बारीक रेशे निकलते हैं जो सूखकर नाक के द्वारा अंदर जाते हैं सामान्यतः तो यह सभी को जाते हैं लेकिन कुछ लोगों में यह शरीर की जो इम्यून सिस्टम है उससे रिएक्ट करना शुरू कर देती है और वह रिएक्शन होता है उसी हम एलर्जी कहते हैं और सामान्यतः यह जो एलर्जी है वह 3- 4 तरह की एलर्जी होती है

तनाव से छुटकारा कैसे प्राप्त करें | तनाव मुक्त जीवन जीने के कुछ सरल उपाय

 तनाव से छुटकारा कैसे प्राप्त करें | तनाव मुक्त जीवन जीने के कुछ सरल उपाय Oknews आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में तनाव हमारे जीवन का एक हिस्सा बन गया है और हर कोई तनाव मुक्त जीवन जीने की उपाय ढूंढ रहा है आपकी जानकारी के लिए बता दूं मैं कि तनाव को हमने अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है हम हमेशा एक समान जिंदगी जीते हैं बस हमारे मन के विचार अलग रहते हैं और जीवन जीने का संदर्भ अलग होता है अगर हम मन में सोच कुछ और रहे हैं और कर कुछ और रहे हैं तो यह तनाव को जन्म देता है और हम अपने कार्य को अच्छी तरीके से नहीं कर पाते और जो हमने सोच रखा है मन में उस में भी सफलता न मिलने के कारण तनाव बढ़ने लगता है । बात करें कुछ जीवन के उन पलों की जिस पल में इंसान किसी व्यक्ति से प्यार करता है उस दौरान भी वह उसी प्रकार की जिंदगी जीता है बस उसके मन के संदर्भ उस समय अलग होते हैं जिसकी वजह से वह अपने जीवन में संतुष्ट और खुश हो जाता है । अपने जीवन में हो रहे हर उतार-चढ़ाव को समझें अपने आप को समझे कि आप अपनी मन मुताबिक कार्य कर रहे हो हैं या नहीं आप कुछ ऐसा काम सुन सकते हैं जिससे मानव जगत का कुछ भला भी हो और आपके पास

घुटने का दर्द क्यों होता है - घुटने का दर्द कौन-कौन सी बीमारियों में ज्यादा होता है ! | घुटने के दर्द का सामाधान ...

  घुटने का दर्द क्यों होता है - दोस्तों यहां हम जानेंगे कि घुटने का दर्द क्यों होता है, दोस्तों या बड़ा प्रश्न है हमारा घुटना जो कि 3 हड्डियों से मिलकर बना होता है ऊपर वाली हड्डी जिसे थाई बोन बोलते हैं और नीचे वाली हड्डी जिसे लेग बोन बोलते हैं और आगे की तरफ हड्डी जिसे पटेला बोन बोलते हैं यह तीनों हड्डियां जहां मिलती हैं उसे ही घुटनों का जोड़ कहा जाता है इन तीनों के ऊपर एक चिकनी पॉलिश लेयर होती है जिससे की जब भी इन तीनों हड्डियों में मोमेंट हो यह एक दूसरे से रगड़ नहीं खाती हैं ! दोस्तों जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे किसी भी कारण से जैसे कि चोट के कारण, जेनेटिक कारणों या बस बुढ़ापे के कारण यह पॉलिश धीरे -धीरे से घिसने लगता है और हड्डी हड्डी से टकराकर दर्द देने लग जाता है घुटनों में दर्द होने का यह एक बहुत ही बड़ा कारण है कभी-कभी चोट लगने के कारण भी घुटने में दर्द पैदा हो जाता है या कभी-कभी घुटनों में किसी प्रकार का सूजन भी घुटनो के दर्द का कारण बन सकता है। घुटने का दर्द कौन-कौन सी बीमारियों में ज्यादा होता है ! पहला कारण है   बुढ़ापे में घुटने में किसी प्रकार का परिवर्तन होना य

बवासीर क्या है - बवासीर की आयुर्वेदिक दवा हैं...

  बवासीर क्या है -  दोस्तों मैं वैसे जो है एक बहुत ही सामान्य समस्या है यह पुरुषों तथा महिलाओं में लगभग बराबर मात्रा में होती है जो लैट्रिन का रास्ता होता है उसमें जब स्वेलिंग आ जाती है फिर कोई प्रॉब्लम होती है तभी हमें पता लगता है कि हमें पाइल्स या बवासीर की समस्या है बवासीर में खून का गुच्छा होता है उस खून के गुच्छे में खून इकट्ठा हो जाएगा तो वह बवासीर का रूप ले लेगा । लगभग 50% मरीज जिनको बवासीर की समस्या होती है उनको ब्रीडिंग की प्रॉब्लम भी होती है विज्ञान ऐसा मानती है कि 50 साल की उम्र के बाद 50% जो पापुलेशन है वह बवासीर की समस्याओं से ग्रसित हो जाते हैं यानी अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा हो जाती है तो आपको बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसा माना जाता है कि पाइल्स प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा होता है ! पाइल्स क्या है -  वास्तव में जो हमारा लाइटिंग का रास्ता होता है उसमें खून की नसों के गुच्छे होते हैं यह कॉमन है या सभी को होते हैं लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे समय बढ़ते जाता है लैट्रिन के रास्ते में ज्यादा ताकत लगाने के कारण यह जो खून के नसों के गुच्छे हैं वह फूल जाते हैं जब यह

यूरिन इन्फेक्शन की आयुर्वेदिक दवा | यूटीआई से बचने के उपाय ...

  यूरिन इन्फेक्शन क्या है -  यूरिन इन्फेक्शन को यूटीआई भी कहते हैं जिसका मतलब होता है यूरिन ट्रैक इंफेक्शन। यानी कि जो हमारा यूरिन का मार्ग है जो कि किडनी से स्टार्ट होता है किडनी के बाद जो यूरिटल नलिया होती हैं और जो यूरिनरी ब्रेडल होता है और उसके बाद जो यूरिनरी वेसल होता है जिसके माध्यम से यूरिन बाहर निकलता है इस पूरे सिस्टम में जब कहीं पर भी इंफेक्शन हो जाता है तो उसको यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन बोलते हैं ! यूरिन इन्फेक्शन का कारण -  दोस्तों ! आइए हम यहां थोड़ा सा यूरिन इंफेक्शन के कारण के बारे में भी जान लेते हैं अगर हम आयुर्वेदिक भाषा में कहें तो आमतौर पर जब यूरो यूरिनरी ट्रैक में ज्यादा गर्मी हो जाएगी क्योंकि हम अक्षर आमतौर पर देखते हैं कि यूरिन इन्फेक्शन में जलन की समस्या होती है दर्द की समस्या होती है इसीलिए आयुर्वेद में कहा जाता है कि यदि आपका पित्त ज्यादा बढ़ेगा तो आपको यूटीआई की समस्या हो सकती है ! इसीलिए पित्त वर्धक भोजन जैसे मिर्च मसालेदार खाना तला हुआ तला हुआ बहुत ज्यादा तीखा, खट्टा या चाय, कॉफी, अल्कोहल स्मोकिंग यह सब यूरिन इन्फेक्शन के कारण होते हैं और कुछ लोग कम पानी पीते