Skip to main content

Type of Electric

Type of Electric

इलेक्ट्रिक दो प्रकार के होते हैं पहला प्रत्यावर्ती धारा दूसरा दिष्ट धारा इनको अल्टरनेटिंग करंट AC और डायरेक्ट करंट DC भी कहते हैं घरों में मीटर में जो बिजली आती है उसे AC Alternating Current कहते हैं और जो हमें बैटरी के द्वारा प्राप्त होती है उसे DC कहते हैंं


Oknews

विद्युत प्रतिरोध अत्यधिक प्रतिरोध के कारण हो सकता है जो निम्न में से गर्मी उत्पन्न करता है:

  • बहुत अधिक तारों के माध्यम से उपकरण को चलाया जा रहा है और उपकरण ज्यादा करंट लेता हो तो electric wire धीरे-धीरे गर्म होने
  •  दोषपूर्ण बिजली के आउटलेट जिसके परिणामस्वरूप खराब संपर्क उत्पन्न होता है
  •  खराब वायरिंग कनेक्शन और पुरानी वायरिंग जो क्षतिग्रस्त है और लोड का समर्थन नहीं कर सकती है
  •  विस्फोट तब हो सकता है जब बिजली हवा में ज्वलनशील गैस या दहनशील धूल मिश्रण को प्रज्वलित करती है। शॉर्ट सर्किट या स्टैटिक चार्ज से इग्निशन संभव है।

 आप क्या जानना चाहते है 

विद्युत सुरक्षा मूल बातें जिसको हम निम्न प्रकार से नीचे व्यक्त करते हैं

  •  50 वोल्ट या अधिक ले जाने वाले उजागर कंडक्टर के साथ काम न करें।
  •  सुनिश्चित करें कि विद्युत उपकरण ठीक से जुड़ा हुआ है, ग्राउंडेड (earthing) है और अच्छे कार्य क्रम में है।
  •  एक्सटेंशन डोरियों को स्थायी वायरिंग के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है और किसी गतिविधि या घटना के लिए अस्थायी उपयोग के बाद हटा दिया जाना चाहिए।
  •  बिल्ट-इन सर्किट ब्रेकर्स के साथ सर्ज सप्रेसर्स का उपयोग लंबे समय तक किया जा सकता है और यह तीन, छह और 15 फुट लंबे डोरियों के साथ उपलब्ध हैं।
  •  स्पेस हीटर, पोर्टेबल एयर कंडीशनर और अन्य उपकरण जैसे उच्च एम्परेज उपकरण को सीधे स्थायी दीवार के रिसेप्टल्स में प्लग किया जाना चाहिए।
  •  जब तक आप विशेष रूप से योग्य और ऐसा करने के लिए अधिकृत नहीं हैं, तब तक सर्किट ब्रेकर पैनल सहित किसी भी इमारत की विद्युत सेवा का उपयोग, उपयोग या परिवर्तन न करें।
  •  गीले वातावरण से बिजली के झटके का खतरा बढ़ सकता है।
  •  विस्तार डोरियों और बिजली के नल सहित विद्युत डोरियों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, एक्सटेंशन कॉर्ड, सर्ज सप्रेसर्स और पावर स्ट्रिप्स फोकस शीट देखें।

 Oknews

  • बिजली से होने वाले नुकसान के प्रकार
  • Electrical shock बिजली का झटका
  • बिजली के संपर्क में आने से जो नुकसान होता है उसे बिजली का झटका बोलते हैं। 
  •   बिजली के झटके दो तरह के होते हैं एक डायरेक्ट और दूसरा इनडायरेक्ट डायरेक्ट बिजली का झटका वह झटका होता है जो किसी कंटीन्यूअस सप्लाई चल रहे वायर को टच करने पर होने वाले नुकसान को डायरेक्ट बिजली का झटका बोलते हैं। 
  • इनडायरेक्ट बिजली का झटका वह होता है जो किसी दूसरे माध्यम के द्वारा हमें बिजली का झटका लगता है जैसे बिजली के तारों से भीगे हुए पेड़ अगर टच में हो तो हम अगर पेड़ को टच करेंगे तो हमें जो झटका लगेगा वह इनडायरेक्ट बिजली का झटका होगा यह झटका कम होता है और इसमें हानि कम होती है। 
  • Sparking बिजली के दो पोटेंशियल होते हैं एक प्लस दूसरा माइनस अथवा दूसरे शब्दों में इसे गरम तार और ठंडा तार के नाम से भी जानते हैं अथवा दूसरे फेज और न्यूट्रल के रूप में जानते हैं
  • इन दोनों प्रकार के तारों को जब आपस में संपर्क में आते हैं तो एक चिंगारी निकलती है यह यह चिंगारी बहुत ही खतरनाक होती है अगर यह पेज और न्यूट्रल में बह रही धारा हजार किलो बोल्ट हो या इससे ऊपर हो। इसलिए हमेशा इलेक्ट्रिक कनेक्शन सप्लाई को बंद करके ही करना चाहिए। 
  • Electrical fire सही तरह के इलेक्ट्रिक वायर ना होने की वजह से या सही ढंग से इलेक्ट्रिक वायर का कनेक्शन ना करने की वजह से इलेक्ट्रिकल आग लग जाती है जो काफी खतरनाक होती है ऐसी आग पर कभी भी पानी नहीं डालना चाहिए। इसे हमेशा फायर सिलेंडर से ही बुझाना चाहिए अथवा रेत के द्वारा बुझाना चाहिए।  
  • Explosion इलेक्ट्रिक के द्वारा विस्फोट बड़े-बड़े पावर हाउसों में अक्सर होते हैं बड़े-बड़े पावर हाउसों में इलेक्ट्रिक सप्लाई में इलेक्ट्रोलाइट कैप सीटर लगाते हैं जो कभी-कभी ब्लास्ट कर सकता है या फिर इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट में भी विस्फोट भयंकर होता है ऐसी सिचुएशन में हमेशा सप्लाई को बंद कर देना चाहिए। 
  • Oknews

Comments

Popular posts from this blog

अपने जन्माष्टमी समारोह को थोड़ा खास बनाएं

 जन्माष्टमी का उत्सव भगवान कृष्ण को उनकी संपूर्णता में आमंत्रित करने के लिए समर्पित है। घटना की प्रशंसा करने के हर किसी के अपने विशेष तरीके होते हैं, वैसे भी, कुछ समारोह ऐसे होते हैं जो सामान्य होते हैं। निम्नलिखित कुछ ऐसे रिवाज़ हैं जिन्हें आप जश्न मनाने और उत्सव में कुछ और हिस्सा लेने के लिए कर सकते हैं।  दिन की छुट्टी पर उपवास शुरू करें -  उपवास जन्माष्टमी अवसर के सबसे मौलिक और सर्वव्यापी टुकड़ों में से एक है। आप आम तौर पर उत्सव की अधिक प्रशंसा करने के लिए घटना पर एक त्वरित नोटिस कर सकते हैं।  गुच्छा प्रतिबिंब धुनों और सेरेनेड्स में भाग लें -    गायन कीर्तन, या प्रतिबद्धता, महिमा, या प्रशंसा की धुन, जन्माष्टमी उत्सव का एक और महत्वपूर्ण घटक है। इस तथ्य के अलावा कि यह मूर्खता और प्रतिबिंब है, यह वास्तव में एक उत्सव के एक टुकड़े की तरह महसूस करने का कारण बनता है। इसी तरह, कीर्तन व्यक्तियों को एकजुट करते हैं।  अभयारण्य के लिए पुष्पांजलि और विभिन्न डिजाइनों की योजना बनाएं -    इस अवसर के सख्त और खुश घटकों में भाग लेने के लिए अपने घर या अपने पड़ोसी में अभयारण्य को सजाने में सहायता कर

Aate ke laddu banane ke tarike | आटे के लडडू के बारे में कुछ खास तरीके

Aate ke laddu banane ke tarike | आटे के लडडू के बारे में कुछ खास तरीके   आज हम आप को ठण्ड के मोसम में खाने वाले आटे के लडडू के बारे में कुछ खास बातें बताएंगे और उन को बनाने का तरीका भी आइए जानते हैं ।             इस ठण्ड के मौसम में बहुत तरह के लडडू बनाये जाते हैं जैसे चावल के आटे के लडडू और गैहू के आटे के लडडू और गौद के लडडू  और भी विभिन्न प्रकार के पकवान त्योहारों पर हमारे भारत में बनाए जाते हैं । लेकिन मैं आज आपके एक एसे लडडू बनाने के बारे में बताये गै जो आप ने कभी नहीं बनाये होगे यह लडडू ठण्ड के मोसम में हमारे लिए बहुत गुणकारी होते हैं कयोकि इन लडडू को बनाने में कुछ खास चीजें लगतीं है जो हमारे शरीर के लिए बहुत गुणकारी होती है कयोकि अकेले आटे के लडडू खाने से हमारे शरीर को कोई ताकत नही मिलती वो तो हम ठण्ड में खाने के लिए बना लेते हैं । आज में जो लडडू बनाने के बारे में बताऊँ गी वह हमारे लिए एक दवाई काम करते हैं ।             यह लडडू बनाने के लिए हम काले चननो का आटा लेगें यह आटा काले चननो को साबित पीस कल लेगें हमे बेसन नहीं लेना हमें साबुत काले चननो को घर पर पीस लेना है या फिर बाहर किस

सफेद दाग क्या होता है - सफेद दाग होने के कारण ,सफेद दाग का आयुर्वेदिक इलाज...

सफेद दाग क्या होता है - दोस्तों! सफेद दाग जन्म के बाद आने वाला स्किन प्रॉब्लम है जिसमें हमारी स्किन में जो कलर देने वाली पेशियां होती हैं वह मर जाती हैं हमारे स्कीम पर मिल्की वाइट या दूध जैसे सफेद दाग आने लगते हैं और हमारे स्क्रीन के लेयर में जो मेलानोसाइट्स नाम की जो पेशी होती है जो आपकी स्किन को कलर देती है यह मेलेलिन साइड जो रहती है वह मेलेलिन नाम की पिगमेंट बनाती है यह वेल्डिंग पिगमेंट की वजह से ही हमारे स्कूल में जो भी कलर है वह आता है इस मेलेलिन पिगमेंट की आपकी स्किन में होने वाले मात्रा के अनुसार है आपका स्क्रीन का जो कलर है वह निर्धारित होता है मेलेनिन पिगमेंट जब स्किन में ज्यादा होता है तब स्किन का कलर डार्क ब्राउन या सांवली दिखती है और अगर यह मेलेलिन पिगमेंट कम होता है तो आप की स्कीन गोरी या फिर दिखती है । सफेद दाग के शुरुआती लक्षण -  दोस्तों! इस रोग में रोगी को किसी तरह की दिक्कत तो नहीं होती है मगर सफेद दाग चेहरे और हाथ पैर पर दिखाई देते हैं जिसके कारण रोगी कुरुप नजर आता है इस कारण रोगी तनाव हीन भावना और डिप्रेशन में रहता है रोगी की स्क्रीन पर छोटे-छोटे सफेद धब्बे दिखाई देत

lampi virus से अपनी गाय को बचाने के लिए निम्न प्रकार की सावधानियां रखें आइए जानते हैं कैसे...

lampi virus   आज पूरे भारतवर्ष में हमारी गाय माता पर हावी है जिसकी वजह से हमारी गायों को अत्यधिक नुकसान हो रहा है और हमारे किसान कुछ नहीं कर पा रहे हैं लेकिन आज हम जानेंगे लंबी वायरस से अपने गायों को बचाने के लिए कुछ बेहतरीन सावधानियां जिनसे कुछ चांस कम हो जाएंगे lampi virus होने के आइए जानते हैं -- साफ सफाई का रखें ध्यान - अगर गायों को रखने वाला जगह साफ सुथरा नहीं है तो वहां से गायों को इन्फक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए कोशिश करेगी गायों को रखने वाले स्थान यानी कि तबेला साफ सुथरा रखें और अगर वहां पर कीचड़ हमेशा बना रहता है तो उस कीचड़ में मिट्टी का तेल अवश्य डालें या उसकी जड़ में मिट्टी के तेल का छिड़काव करें इससे कीचड़ में किसी भी तरह की बैक्टीरिया और वायरस नहीं बनेंगे ! खानपान हरियाली - समय के साथ हर जियो अपनी धीरे-धीरे पोलूशन बड़ी दुनिया में अपनी पाचन क्रिया को होता जा रहा है खेतों में अच्छी प्रकार हरियाली लाने के लिए यूरिया डाई कार्बोनेटेड क्या दिखा दो का उपयोग किया जा रहा है जो हमारे सेहत के लिए कहीं न कहीं अच्छा नहीं है यहां हम बात उन किसानों की कर रहे हैं जो कई लोग बा

एलर्जी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

 एलर्जी क्या होता है -  दोस्तों सामान्य था जो एलर्जी होती है ऐसा होता है कि हमारे शरीर में कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस प्रवेश करते हैं रोजमर्रा में जिंदगी में जो यह वायरस और बैक्टीरिया होते हैं इनको हमारी बॉडी की इम्यून सिस्टम पहचानती है और इन के विरुद्ध आक्रमण करती है और किसके द्वारा वह वायरस और बैक्टीरिया को खत्म कर देती है जिससे कि शरीर पर विपरीत प्रभाव ना पड़े और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचे लेकिन गड़बड़ वहां हो जाती है जहां शरीर की इम्यून सिस्टम कमजोर होती है ऐसी कुछ चीजें रहती हैं जो हमारे शरीर की दोस्त रहती हैं लेकिन वह दोस्त नहीं दुश्मन समझ लेती है जैसे कि हवा में उड़ के नाक के द्वारा अंदर जाने वाले एनिमल डेंजेल होते हैं कई अलग-अलग प्राणी होते हैं जैसे कि डॉग हुआ गाय हुई इस तरह से इनकी शरीर से बारीक- बारीक रेशे निकलते हैं जो सूखकर नाक के द्वारा अंदर जाते हैं सामान्यतः तो यह सभी को जाते हैं लेकिन कुछ लोगों में यह शरीर की जो इम्यून सिस्टम है उससे रिएक्ट करना शुरू कर देती है और वह रिएक्शन होता है उसी हम एलर्जी कहते हैं और सामान्यतः यह जो एलर्जी है वह 3- 4 तरह की एलर्जी होती है

तनाव से छुटकारा कैसे प्राप्त करें | तनाव मुक्त जीवन जीने के कुछ सरल उपाय

 तनाव से छुटकारा कैसे प्राप्त करें | तनाव मुक्त जीवन जीने के कुछ सरल उपाय Oknews आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में तनाव हमारे जीवन का एक हिस्सा बन गया है और हर कोई तनाव मुक्त जीवन जीने की उपाय ढूंढ रहा है आपकी जानकारी के लिए बता दूं मैं कि तनाव को हमने अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है हम हमेशा एक समान जिंदगी जीते हैं बस हमारे मन के विचार अलग रहते हैं और जीवन जीने का संदर्भ अलग होता है अगर हम मन में सोच कुछ और रहे हैं और कर कुछ और रहे हैं तो यह तनाव को जन्म देता है और हम अपने कार्य को अच्छी तरीके से नहीं कर पाते और जो हमने सोच रखा है मन में उस में भी सफलता न मिलने के कारण तनाव बढ़ने लगता है । बात करें कुछ जीवन के उन पलों की जिस पल में इंसान किसी व्यक्ति से प्यार करता है उस दौरान भी वह उसी प्रकार की जिंदगी जीता है बस उसके मन के संदर्भ उस समय अलग होते हैं जिसकी वजह से वह अपने जीवन में संतुष्ट और खुश हो जाता है । अपने जीवन में हो रहे हर उतार-चढ़ाव को समझें अपने आप को समझे कि आप अपनी मन मुताबिक कार्य कर रहे हो हैं या नहीं आप कुछ ऐसा काम सुन सकते हैं जिससे मानव जगत का कुछ भला भी हो और आपके पास

घुटने का दर्द क्यों होता है - घुटने का दर्द कौन-कौन सी बीमारियों में ज्यादा होता है ! | घुटने के दर्द का सामाधान ...

  घुटने का दर्द क्यों होता है - दोस्तों यहां हम जानेंगे कि घुटने का दर्द क्यों होता है, दोस्तों या बड़ा प्रश्न है हमारा घुटना जो कि 3 हड्डियों से मिलकर बना होता है ऊपर वाली हड्डी जिसे थाई बोन बोलते हैं और नीचे वाली हड्डी जिसे लेग बोन बोलते हैं और आगे की तरफ हड्डी जिसे पटेला बोन बोलते हैं यह तीनों हड्डियां जहां मिलती हैं उसे ही घुटनों का जोड़ कहा जाता है इन तीनों के ऊपर एक चिकनी पॉलिश लेयर होती है जिससे की जब भी इन तीनों हड्डियों में मोमेंट हो यह एक दूसरे से रगड़ नहीं खाती हैं ! दोस्तों जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे किसी भी कारण से जैसे कि चोट के कारण, जेनेटिक कारणों या बस बुढ़ापे के कारण यह पॉलिश धीरे -धीरे से घिसने लगता है और हड्डी हड्डी से टकराकर दर्द देने लग जाता है घुटनों में दर्द होने का यह एक बहुत ही बड़ा कारण है कभी-कभी चोट लगने के कारण भी घुटने में दर्द पैदा हो जाता है या कभी-कभी घुटनों में किसी प्रकार का सूजन भी घुटनो के दर्द का कारण बन सकता है। घुटने का दर्द कौन-कौन सी बीमारियों में ज्यादा होता है ! पहला कारण है   बुढ़ापे में घुटने में किसी प्रकार का परिवर्तन होना य

बवासीर क्या है - बवासीर की आयुर्वेदिक दवा हैं...

  बवासीर क्या है -  दोस्तों मैं वैसे जो है एक बहुत ही सामान्य समस्या है यह पुरुषों तथा महिलाओं में लगभग बराबर मात्रा में होती है जो लैट्रिन का रास्ता होता है उसमें जब स्वेलिंग आ जाती है फिर कोई प्रॉब्लम होती है तभी हमें पता लगता है कि हमें पाइल्स या बवासीर की समस्या है बवासीर में खून का गुच्छा होता है उस खून के गुच्छे में खून इकट्ठा हो जाएगा तो वह बवासीर का रूप ले लेगा । लगभग 50% मरीज जिनको बवासीर की समस्या होती है उनको ब्रीडिंग की प्रॉब्लम भी होती है विज्ञान ऐसा मानती है कि 50 साल की उम्र के बाद 50% जो पापुलेशन है वह बवासीर की समस्याओं से ग्रसित हो जाते हैं यानी अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा हो जाती है तो आपको बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसा माना जाता है कि पाइल्स प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा होता है ! पाइल्स क्या है -  वास्तव में जो हमारा लाइटिंग का रास्ता होता है उसमें खून की नसों के गुच्छे होते हैं यह कॉमन है या सभी को होते हैं लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे समय बढ़ते जाता है लैट्रिन के रास्ते में ज्यादा ताकत लगाने के कारण यह जो खून के नसों के गुच्छे हैं वह फूल जाते हैं जब यह

यूरिन इन्फेक्शन की आयुर्वेदिक दवा | यूटीआई से बचने के उपाय ...

  यूरिन इन्फेक्शन क्या है -  यूरिन इन्फेक्शन को यूटीआई भी कहते हैं जिसका मतलब होता है यूरिन ट्रैक इंफेक्शन। यानी कि जो हमारा यूरिन का मार्ग है जो कि किडनी से स्टार्ट होता है किडनी के बाद जो यूरिटल नलिया होती हैं और जो यूरिनरी ब्रेडल होता है और उसके बाद जो यूरिनरी वेसल होता है जिसके माध्यम से यूरिन बाहर निकलता है इस पूरे सिस्टम में जब कहीं पर भी इंफेक्शन हो जाता है तो उसको यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन बोलते हैं ! यूरिन इन्फेक्शन का कारण -  दोस्तों ! आइए हम यहां थोड़ा सा यूरिन इंफेक्शन के कारण के बारे में भी जान लेते हैं अगर हम आयुर्वेदिक भाषा में कहें तो आमतौर पर जब यूरो यूरिनरी ट्रैक में ज्यादा गर्मी हो जाएगी क्योंकि हम अक्षर आमतौर पर देखते हैं कि यूरिन इन्फेक्शन में जलन की समस्या होती है दर्द की समस्या होती है इसीलिए आयुर्वेद में कहा जाता है कि यदि आपका पित्त ज्यादा बढ़ेगा तो आपको यूटीआई की समस्या हो सकती है ! इसीलिए पित्त वर्धक भोजन जैसे मिर्च मसालेदार खाना तला हुआ तला हुआ बहुत ज्यादा तीखा, खट्टा या चाय, कॉफी, अल्कोहल स्मोकिंग यह सब यूरिन इन्फेक्शन के कारण होते हैं और कुछ लोग कम पानी पीते