Sai baba, साईं बाबा व्रत एवं कथा

Sai baba

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 Jai sai ram की कथा

वीरवार (बृहस्पतिवार) का दिन साईं बाबा का दिन होता है। इस दिन साईं बाबा का व्रत कथा की जाती है। जिस किसी मनुष्य को साईं बाबा का व्रत करना होता है। वीरवार के दिन कर सकता है। वह मनुष्य किसी भी वीरवार के दिन साईं बाबा का व्रत शुरू कर सकता है। ईस व्रत में किसी शुक्ल पक्ष यां क्रिषण पक्ष की कोई अरचण नहीं होती। वीरवार को साईं बाबा के व्रत रखने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। साईं बाबा के व्रत रखने से संतान प्राप्ति होती है। धन प्राप्त होता है। बीमारी ठीक होती है पति का प्रेम प्राप्त होता है। इस तरह आपकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। साईं बाबा के व्रत कोई भी कर सकता है। लड़की, औरत, आदमी। ईस व्रत को वीरवार के दिन सुबह नहाने के बाद शुरू करना है। आपको अपने मंदिर में एक चोकी रखनी है। उस पर एक पिला कपड़ा बिछाना है। फिर उसी पर साईं बाबा की मुर्ति या फोटो को रखना है। उस पर एक घी का दिपक जलाना है। वहाँ पर फल पीले फूल रखने हैं। आप तलसाईं बाबा को भोग लगवाने के लिए कुछ गुड़ और चने एक ब्रतन में रख दो। फिर आप अपने हाथ में पानी का एक चममच लेकर अपने मन के व्रत रखने के संकल्प को बोलो। आपने अपनी मन की ईच्छा पुर्ती का संकल्प लेकर वह पानी जमीन पर छोड़ देना है ऊम साईं राम का जाप करें ।फिर आरती करने के बाद पुलिस संपुर्ण करो। फिर आप कुछ फलाहार खाकर, दुध, चाय कुछ भी पीकर अपने व्रत को शुरू कर सकते हो। आपको दिन में एक बार खाना जरूर खाना है। खाली पेट यह व्रत नहीं रखना। व्रत के दिन आप को किसी कि कोई चुगली नहीं करनी। झूठ नहीं बोलना। किसी के साथ लड़की झगड़ा नहीं करना। घर में अपने बच्चों को नहीं डंटना। अपने मन को शांत रखना है। जब भी आप दिन में एक बार खाना खायोगे सब से पहले आप को साईं बाबा का भोग लगवाना है। फिर कुछ खाना गरीबो को खिलाना है। कयोकि बाबा कहते थे कि गरीब को खाना खिला दिया समझो मेने खा लिया। भोग लगे खाना को आप घर में सभी को प्रसाद के र् रूप में बांट दो। व्रत वाले दिन साईं के मनदिर में जरूर जाना चाहिए। वहाँ जाकर साईं बाबा को गुलाब के फुल चड़ा दो। Oknews आप को व्रत वाले दिन कोई काम हो तो आप इस व्रत को उस दिन छोड़ भी सकते हो। आप कम से कम नौ व्रत रख सकते हो। व्रत के उदापन के दिन आप गरीब को खाना खा लायो। व्रत की नौ पुस्तकों को अपने जान पहचान वालों को बांटो। खाने में आपको पिला भोजन ही बनाना है। जैसे खिचड़ी। धयान रखो कि पुणीमा के दिन साईं की पुजा का बिषेष महत्व है। इस तरह साईं बाबा हर एक की मनोकामना को पुरा करें। जय साईं राम जी।



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