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Business, बिजनेस शुरू करने के लिए किस प्रकार के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पड़ती है आइए जानते हैं..

 Business, बिजनेस शुरू करने के लिए किस प्रकार के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पड़ती है आइए जानते हैं...



आप किसी भी प्रकार के उद्योग अथवा बिजनेस को शुरू करने के लिए विभिन्न प्रकार के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पड़ती है जिनमें से प्रमुख हैं

  • Choose right set of business entity (Pvt,OPC.)
  • GST number required must.
  • MSME licence.
  • Trademark registration.
  • ISO certificate
  • Business plan
  • Shop and establishment licence on state to state.
  • Fire NOC and etc.

Choose right set of business entity (Pvt,OPC.)



सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आप प्राइवेट लिमिटेड (PVT) या वन पर्सन कंपनी (OPC) खोलना चाहते हैं और यह सुनिश्चित होने के बाद प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रेशन या वन पर्सन कंपनी रजिस्ट्रेशन करवा ले प्राइवेट लिमिटेड के बहुत सारे डायरेक्टर्स और ओनर हो सकते हैं इसीलिए  बहुत सारे ऑनर्स को और डायरेक्टर्स चुनने के लिए प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रेशन होते हैं 

OPC का मतलब होता है वन पर्सन कंपनी मतलब अगर कोई व्यक्ति अकेले ही पूरी कंपनी को चलाना चाहता है तो उसके लिए ओपीसी बनाई गई है यह एक नई सुविधा आई है जिससे  किसी भी कंपनी का मालिक केवल एक व्यक्ति को सकता है 



अगर बात करें दोनों के राइट्स और अधिकार की तो दोनों कंपनियां बस रजिस्ट्रेशन अलग-अलग होते हैं बाकी सारे पावर एक समान होते हैं और दोनों कंपनियों में कामकाज को लेकर किसी भी प्रकार का कोई अंतर नहीं होता सिर्फ मालिक किसी में एक और किसी में एक से अधिक होते हैं !

प्राइवेट लिमिटेड में अगर मालिक किसी कारण बस नहीं रहा तो कंपनी नहीं बंद की जा सकती और कंपनी को आगे किसी और ऑनर को चुनकर कंपनी को चलाया जा सकता है लेकिन ओपीसी में अगर मालिक नहीं रहा तो कंपनी बंद हो जाती है और कंपनी का सारा काम रोका जा सकता है अगर ओबीसी का ऑनर किसी को नॉमिनी चुना है तो वह नॉमिनी ही अगला ऑनर बनता है बाकी किसी के अदर चुनाव से कोई इस कंपनी का मालिक नहीं बनता । और नॉमिनी द्वारा कार्यभार ओपीसी का संभालने के से ओबीसी और आगे भी चलाई जा सकती है

GST number required must.  कुछ छोटे उद्योग इस प्रकार होते हैं कि उस में जीएसटी का कोई मतलब ही नहीं बैठता लेकिन कुछ छोटे व्यवसाय ऐसे भी होते हैं जो बड़ी फॉर्म से जुड़ कर काम करते हैं उन्हें जीएसटी लेना अनिवार्य पड़ जाता है इसीलिए किसी भी प्रकार का बिजनेस करने से पूर्व आपको जीएसटी नंबर लेना और अत्यंत आवश्यक है ।

कंपनी के जो भी डायरेक्टर्स होते हैं उनके पास DIN नंबर होता है जिसकी मदद से वह कंपनी को मार्गदर्शन करते हैं तथा कंपनी के किसी भी एग्रीमेंट्स अथवा अदर कार्यों में DIN नंबर का प्रयोग करते हैं !



MSME licence : m s m e licence इसका मतलब होता है माइक्रो एंड स्मॉल मीडियम एंटरप्राइजेज 

MSME रजिस्ट्रेशन लेने के बाद आप किसी बड़े कंपनी की शुरुआत एक छोटे स्तर से कर सकते हैं इसके लिए आपको MSME लाइसेंस लेना है और GST नंबर और एक छोटे स्तर पर आप काम कर करके अगर आपको लगता है कि आपका बिजनेस काफी बड़ा हो रहा है तो उसे बाद में प्राइवेट लिमिटेड या ओपीसी में कन्वर्ट कर किया जा सकता है 

Trademark registration :  ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन मतलब अपनी कंपनी के नाम का रजिस्ट्रेशन , यह रजिस्ट्रेशन इसलिए लोग कराते हैं ताकि वह एक अपना ब्रांड बना सकें या वह जिस नाम से कंपनी चला रहे हैं उस नाम से कोई दूसरी कंपनी ना चला सके trademark registration आपकी कंपनी के नाम को गवर्नमेंट दस्तावेज में रजिस्टर कर लिया जाता है तथा कल अगर आपकी ही कंपनी का नाम कोई दूसरा व्यक्ति लेकर आपके प्रोडक्ट या सर्विस एस प्रदान कर रहा है तो आप उस पर एक्शन ले सकते है ट्रेडमार्क आपको एक यूनिट निस प्रदान करता है आपके सर्विस अथवा प्रोडक्ट में जिससे आपकी पहचान और ब्रांड बन जाती है !

ISO certificate : ISO का पूरा नाम  International Organization for Standardization होता है  यह आपको आपकी सर्विस से रिलेटेड या प्रोडक्ट से रिलेटेड एक स्टैंडर्ड प्रदान करता है जो यह साबित करता है कि जो भी चीजें आप सर्विस या प्रोडक्ट को दे रहे हैं वहां एक स्टैंडर्ड के थ्रू कस्टमर तक पहुंचाया जा रहा है और उस प्रोडक्ट अथवा सर्विस पर बहुत सारे कायदे कानून  द्वारा ध्यान दिया जा रहा है यह कस्टमर के मन में एक विश्वास बनाता है अगर आपके पास आईएसओ सर्टिफिकेट है तो आप इंटरनेशनल अपने प्रोडक्ट व सर्विस के एक पहचान करा सकते हैं और अपना बिजनेस इंटरनेशनल बढ़ा भी सकते हैं !

Business plan : बिजनेस को शुरू करने के लिए आपके पास सबसे अत्यधिक जरूरी है कि आपके पास बिजनेस का प्लान हो आप किस तरह का बिजनेस करना चाहते हैं और किस जगह पर करना चाहते हैं और किस तरीके से करना चाहते हैं आप उस बिजनेस के लिए कितना पैसा लगाना चाहते हैं और कहां से अपने प्रोडक्ट अथवा सर्विस को कस्टमर तक पहुंचाएंगे और भी बहुत सारी बातें आपको पहले से ही निश्चित कर लेनी चाहिए !


Shop and establishment licence on state to state : आप जिस जगह बिजनेस करना चाहते हैं उस जगह का लाइसेंस अथवा जिस जगह अपनी कंपनी खोलना चाहते हैं उस जगह का एग्रीमेंट और एक स्टेट से दूसरे स्टेट अगर आप सेवा प्रदान करते हैं तो स्टेट टू स्टेट सर्विस लाइसेंस आपके पास होना अनिवार्य है अब तो सिर्फ GST से ही स्टेट टू स्टेट सभी कार्य आसानी पूर्वक हो जाते हैं !

Fire NOC and etc ; और भी छोटे-छोटे रजिस्ट्रेशन जो आवश्यक होते हैं जैसे फायर एनओसी जिससे आपके ऑफिस अथवा फॉर्म में आग लगने पर उस आग को बुझाने के लिए आपने क्या-क्या सेफ्टी दे रखी है यह सिर्फ प्राइवेट लिमिटेड और OPC के लिए अनिवार्य होता है छोटे फॉर्म के लिए इतना सब अनिवार्य नहीं होता सिर्फ जीएसटी नंबर और एक छोटा सा रजिस्ट्रेशन आपके बिजनेस का बस आप अपने बिजनेस पर काम कर सकते हैं !

और कुछ तरह के चार्ज जो आपको बिजनेस रजिस्ट्रेशन में लगेंगे वह नीचे आप को प्रदर्शित किया जा रहा है



और भी बिजनेस से जुड़ी जानकारियां हम जल्द ही प्रदान करेंगे धन्यवाद !

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